Sansakrit Grammar Lesson No.4

वर्ण संयोग

        जब दो वर्ण आपस में मिलते हैं, तो उसे वर्ण संयोग कहते है। हिन्दी भाषा के सभी व्यन्जन स्वर वर्णों की सहायता से ही बोले जाते हैं। स्वर वर्ण व्यन्जन वर्णों में मात्राओं के रूप में जुड़े होते हैं। 'अ ' स्वर व्यन्जनों में जुड़ा होता है जिसकी कोई मात्रा नहीं होती।


         अगर आप साधारण शब्दों में समझने की कोशिश करें तो संयोग का अर्थ है सामान्य रूप से जुड़ना या मिलना जबकि संधि से तात्पर्य एक प्रकार का समझौता या फिर शर्तों के साथ जुड़ना है। व्याकरण की दृष्टि से देंखे तो संयोग में अक्षर अपने मूल रूप में बने रहते हैं । आपस में जुड़ने के बाद भी उनके मूल रूप में कोई परिवर्तन नहीं होता।

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